दिल्ली के कड़कडूमा में रहने वाले पंकज जैन की ट्रॉनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र स्थित सेक्टर ए के प्लांट नंबर-36 में कल्पतरू नाम से आग बुझाने के सिलिंडर बनाने और उन्हें रिफिल करने की फैक्टरी है। उनकी फैक्टरी में करीब 35 से 40 मजदूर काम करते हैं। इस फैक्टरी में मूलरूप से झारखंड के बुकारों का रहने वाले अमजद पुत्र अनवर खान करीब डेढ़ साल से काम करते थे। हाल में अमजद पावी गांव में रह रहे थे। अमजद के साथ अरमान निवासी इलायचीपुर गांव इस फैक्टरी में काम करते थे। फैक्टरी के अंदर हॉल और बेसमेंट में सिलिंडर निर्माण का कार्य होता है। हॉल के बाहर गैलरी में सिलिंडर टेस्टिंग और रिफलिंग का काम होता है। अमजद और अरमान रिफलिंग और टेस्टिंग का काम देखते थे।
शाम करीब चार बजे वह सिलिंडर टेस्टिंग और रिफलिंग कर रहे थे। जिस स्थान पर दोनों काम कर रहे थे, वहां छोटे और ब़ड़े 50 से अधिक सिलिंडर रखे हुए थे। इस दौरान एक सिलिंडर धमाके के साथ फट गया। सिलिंडर फटने से अरमान और अमजद चपेट में आ गए। धमाका होने पर फैक्टरी में काम कर रहे मालिक और अन्य मजदूर बाहर आ गए। धमाका इतना तेज था कि टिन शेड उखड़कर सड़क पर आ गिरी। इस घटना की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम और दमकल विभाग को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर अरमान और अमजद के शव को बाहर निकाला। पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। सूचना पाकर एसीपी सूर्यबली मौर्या, फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।
एसीपी लोनी सूर्यबली मौर्य का कहना है कि शाम पुलिस को फैक्टरी में दो मजदूरों की मौत होने की सूचना मिली थी। सूचना पाकर ट्रॉनिका सिटी थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मजदूरों को बाहर निकाला है। सिलिंडर कैसे फटा है, उसकी असल वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। अंदेशा है कि रिफिलिंग के दौरान हाई प्रेशर के चलते सिलिंडर फटा। मृतक के परिजनों की तरफ से तहरीर आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने धमाके वाले इलाकों को सील किया
पुलिस ने एहतियात के तौर पर फैक्टरी के घटनास्थल को सील कर दिया गया है। फॉरेसिंक टीम ने भी मौके पर जांच की है। सील इलाके में किसी भी नहीं जाने दिया जा रहा है। उधर धमाके के बाद आसपास की फैक्टरी कर्मचारी भी अपनी अपनी फैक्टरी से बाहर आ गए थे।