ब्रह्माकुमारीज के रुड़की सेवा केंद्र पर आयोजित एक कार्यक्रम में ने ब्रह्माकुमारीज चीफ रही दादी रतनमोहिनी के निधन पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई,साथ ही दादी के साथ के अनुभव भी साझा किए गए।आध्यात्म और रूहानियत के क्षेत्र में बड़ी शख्सियत राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी ने राजयोग शिक्षिका के रूप में ख्याति अर्जित की ओर हजारों की संख्या में ब्रह्माकुमारियों को प्रशिक्षण दिया।
रुड़की सेवा केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बीके गीता दीदी ने दादी रतनमोहिनी से जुड़े संस्मरण सुनाए ।वही बीके दीपिका ने भी दादी रतनमोहिनी की प्रशासनिक क्षमता व उनकी रूहानियत को बेमिसाल बताया।संस्था से जुड़े वरिष्ठ साहित्यकार श्रीगोपाल नारसन ने रतनमोहिनी दादी से समय समय पर हुई भेंट को अविस्मरणीय बताया।

उन्होंने कहा कि दादी रतनमोहिनी ने उनकी दो पुस्तकों का विमोचन डायमंड हाल,शांतिवन में किया था,साथ ही गत वर्ष राजनीतिक विंग के सम्मेलन में उत्तराखंड के राज्य मंत्री स्तर श्यामवीर सैनी को जब दादी रतनमोहिनी से मिलाने वे उनके आवास पर लेकर गए तो बहुत ही अपनेपन से रतनमोहिनी दादी मिली थी और आते रहिये कहकर भविष्य में मधुबन आने का निमंत्रण भी उन्होंने दिया था।

श्रीगोपाल नारसन ने बताया कि दादी रतनमोहिनी वास्तव में सौगातो से झोली भर देती थी।श्रीगोपाल नारसन ने दादी रतनमोहिनी द्वारा देश विदेश की गई गई ईश्वरीय सेवाओ का उल्लेख करते हुए उन्हें ब्रह्माकुमारीज संस्था का सिरमौर बताया तथा उनके प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित किए।इस अवसर पर बीके सपना,बीके पारुल,रामकुमार भाई,तेजपाल सिंह,डॉ प्रदीप रस्तोगी, डॉ सपरा, ललिता, भोपाल सिंह,शिवकुमार, कृष्ण छाबड़ा,अनिल कुमार, विनय गुप्ता, अश्वनी भारद्वाज आदि मौजूद रहे।