शासन के निर्देश पर एसवीबीपी चिकित्सालय मेडिकल कॉलेज मेरठ में शुक्रवार को कोविड-19 मरीज के त्वरित प्रबंधन के लिए आपातकालीन मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य अस्पताल की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता, संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था और टीमवर्क की दक्षता की जांच करना था।
ड्रिल के दौरान एक डमी कोविड मरीज को दर्शाया गया जिसमें बुखार और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण थे। मरीज को अस्पताल के बैक गेट से लाया गया ताकि मुख्य आपातकालीन क्षेत्र संक्रमण से सुरक्षित रह सके। सिर्फ दो मिनट में उपचार प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जिसमें उसे तुरंत आइसोलेशन ज़ोन में भर्ती कर प्राथमिक जांच की गई और ऑक्सीजन सपोर्ट सहित अन्य उपचार आरंभ किया गया।
चिकित्सा कर्मियों ने क्कक्कश्व किट पहनकर सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया। यह अभ्यास यह दिखाने में सफल रहा कि मेडिकल स्टाफ किसी भी आपात स्थिति से निपटने में सक्षम है। ड्रिल में प्रमुख अधिकारी डॉ. धीरज बालियान (प्रमुख अधीक्षक),डॉ. आभा गुप्ता (नोडल अधिकारी),डॉ. अरविंद कुमार (सहनोडल अधिकारी),डॉ. संतोष मित्तल (नोडल अधिकारी),नर्सिंग स्टाफ, सिस्टर इंचार्ज, मेडिसिन रेजिडेंट्स और ड्यूटी पर तैनात अन्य चिकित्सक शामिल है।
ड्रिल में आपातकालीन प्रतिक्रिया समय का परीक्षण,संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल का आकलन,टीमवर्क और समन्वय का अभ्यास किया जाता है। डॉ. धीरज बालियान ने कहा, नियमित मॉक ड्रिल से हमारी क्षमता बढ़ती है और हम किसी भी महामारी से प्रभावी ढंग से निपट सकते हैं। डॉ. आभा गुप्ता ने कहा, टीम का प्रदर्शन प्रशंसनीय रहा और यह अभ्यास हमें वास्तविक आपात स्थिति के लिए तैयार करता है। डॉ. अरविंद कुमार ने बताया, यह मॉक ड्रिल एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज की तैयारियों को दर्शाती है। भविष्य में भी ऐसे अभ्यास जारी रहेंगे।