न्यूज़- कोरियन एंटोनी
मोतीगंज – झिलाही रेल खंड पर पिकौरा गांव के पास बीते 18 जुलाई को हुए गोंडा रेल हादसे में लापता यात्री की तलाश बृहस्पतिवार को रेलवे सुरक्षा बल की संयुक्त टीम ने किया। पिकौरा गांव पहुंची टीम ने हादसे के बाद पलटी बोगियों को सीधा कराया। आशंका थी कहीं बोगियों के नीचे तो कोई शव नहीं दबा है। तलाश कर रही टीम को अभी कोई शव नहीं मिला है।
बीते दिनों तरबगंज थाना क्षेत्र के उमरापुर उदवतनगर निवासी रामा देवी ने फरियाद लगाई कि उसका बेटा रामधन भी चंडीगढ़ से डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस पर सवार हुआ था लेकिन अभी तक वह घर नहीं पहुंचा, जबकि वही ट्रेन पिकौरा गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी।
डीएम ने मामले में रेलवे के अधिकारियों को कार्रवाई करने और लापता यात्री का पता करने की सिफारिश की। डीआरएम आदित्य कुमार के निर्देश पर सहायक सुरक्षा आयुक्त (रेलवे सुरक्षा बल) राजीव उपाध्याय ने लापता यात्री की तलाश के लिए संयुक्त टीम बनाई थी, जो सुबह से ही मौके पर छानबीन कर रही है।
लापता यात्री की तलाश के लिए नौ अधिकारियों के साथ-साथ टीम में कुल 70 अफसरों और कर्मचारी लगे हैं। पुलिस क्षेत्राधिकारी के सदर के साथ पांच कर्मचारी व अधिकारी, थानाध्यक्ष मोतीगंज पुलिस फोर्स के साथ रहे। इसके साथ ही एनडीआरएफ लखनऊ के दस स्टाफ के साथ सुपरवाइजर, एसडीआरएफ लखनऊ के दस स्टाफ के साथ अधिकारी, सहायक मंडल इंजीनियर पूर्वी गोंडा के दस स्टाफ व सुपरवाइजर, प्रभारी निरीक्षक आरपीएफ गोंडा के दस स्टाफ तथा दो अधिकारी, मनकापुर के प्रभारी निरीक्षक चार स्टाफ के साथ अधिकारी को टीम में शामिल हैं। कर्मचारी संसाधनों से लैस होकर छानबीन कर रहे हैं। सहायक सुरक्षा आयुक्त रेलवे सुरक्षा बल राजीव उपाध्याय ने बताया कि खोजबीन कराई जा रही है।