न्यूज़- कोरियन एंटोनी
हाथरस के सिकंदराराऊ में भोले बाबा के सत्संग में मची भगदड़ से शाहजहांपुर के कई परिवारों की खुशियां कुचल गईं। जिले के दो बच्चों और तीन महिलाओं की भगदड़ में जान चली गई। इसकी सूचना जब घर पहुंची तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। कांट के गांव भमौली निवासी आनंद बिहारी के नौ साल के पुत्र आयुष व तीन साल की बेटी काव्या की मौत हो गई।
उनकी मौत की खबर सुनकर गांव में बाबा रामविलास व दादी सावित्री बिलख पड़ीं। आनंद जयपुर में प्राइवेट नौकरी करते हैं। घटना की खबर मिलते ही वह रात में ही अपने घर आ गए। मासूम बच्चों की मौत के बाद से उनके आंसू नहीं थम रहे। मां दुर्गेश बच्चों के शवों को सीने से लगाकर रो-रोकर बेसुध हो गई। आनंद ने कहा कि इतना बड़ा नुकसान हो जाएगा, इसका अंदाजा नहीं था।

गांव भमौली निवासी आनंद बिहारी भोले बाबा के अनुयायी हैं। हाथरस में सत्संग की सूचना पर आनंद की पत्नी दुर्गेश, बहन रामा व सीमा व बेटे आरुष, आयुष और काव्या के साथ बस से रवाना हुईं थीं। आसपास के करीब 50 लोग भी बस में साथ गए थे।

आनंद ने बताया कि वह बहुत परेशान रहते थे। बहन बहनोई के कहने पर भोले बाबा की संगत से जुड़ गए। इसके बाद सुधार हुआ। पैसे भी बचाए। वह हर महीने सत्संग में जाते थे। इस बार उनको छुट्टी नहीं मिली तो पत्नी और बच्चों को भेज दिया था।

भगदड़ में आनंद के नौ साल के पुत्र आयुष और तीन साल की बेटी काव्या की मौत हो गई। पत्नी दुर्गेश और बेटा आरुष बाल-बाल बच गया। हादसे के बाद आनंद ने कहा कि वहां जाने से इतना बड़ा नुकसान हो जाएगा, इसका कभी अंदाज नहीं था। जिसने चेहरे पर हंसी देने बात कही थी, उसने रुलाकर भेजा।

हाथरस भगदड़ में निगोही के पुवायां रोड पर रेलवे क्रॉसिंग के पास नई बस्ती निवासी हरीशरण की 40 वर्षीय पत्नी रामा देवी की भी मौत हुई है। साथ में गए उनके पति ने हादसे की खबर दी तो परिजनों में मातम छा गया। उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। 

भगदड़ में घायल तिलहर के गांव रजाकपुर की रहने वाली धन देवी (65) की इलाज के दौरान मौत हो गई। वह भगदड़ के दौरान लापता हो गईं थीं। सूचना मिलते ही उनके परिजन वहां पहुंच गए। परिजन एटा से उनका शव लेकर गांव आ रहे हैं।