शुद्ध पेयजल
– अमृत योजना के तहत शहरवासियों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए वर्ष 2011 में पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया गया था। जल निगम की कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के ठेकेदारों ने मोहल्लों की सड़कों को खोदकर पाइप लाइन बिछाया।
– योजना पर लगभग 50 करोड़ का खर्च आया, लेकिन अभी तक शुद्धपेयजल मुहैया नहीं कराया सका। मामले में जनप्रतिनिधि व जिम्मेदार अधिकारी भी चुप्पी साधे हुए हैं। वहीं, शहर में सीवरलाइन भी नहीं बन सका है। इससे जल निकासी की समस्या गंभीर बनी हुई है।
बिजली व्यवस्था
– शहरवासियों को बेहतर बिजली उपलब्ध कराने के लिए 2015 में भूमिगत केबिल बिछाने का कार्य शुरू हुआ था। योजना पर करीब 95 करोड़ से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई।
– शहर के कई मोहल्लों में भूमिगत लाइनों को बिछाकर कनेक्शन आवंटन के लिए जंक्शन बॉक्स स्थापित कराए गए, लेकिन आज शहर में बिछाई गई भूमिगत केबिल के जंक्शन बॉक्स जर्जर अवस्था में पहुंच गए हैं। कई स्थानों पर यह हादसे का कारण भी बन रहे हैं। करोड़ों की योजना बिजली विभाग की उदासीनता की भेंट चढ़ गई।
बाईपास… शहर में अभी तक बाईपास भी नहीं बन सका है। गोंडा मार्ग का चौड़ीकरण भी नहीं हो सका है। सभी छह तहसीलों में सड़कों का अभाव है। इससे जाम की समस्या गंभीर हो गई है।
ट्रामा सेंटर… शहर में ट्रामा सेंटर बनकर तैयार है, लेकिन संचालन अभी तक नहीं शुरू हो सका। इस कारण मरीजों को बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है। ट्रामा सेंटर का संचालन शुरू हो जाए तो मरीजों को स्थानीय स्तर पर उचित उपचार मिल सकेगा।
सात विधायक व दो संसदीय क्षेत्र
– जिले में सात विधानसभा क्षेत्र बलहा, पयागपुर, कैसरगंज, मटेरा, नानपारा, महसी व बहराइच सदर है। यहां पर चार विधायक भाजपा के हैं।
– एक सीट भाजपा की सहयोगी अपना दल के पास है। दो सीटों पर सपा का कब्जा है। वहीं, बहराइच सुरक्षित व कैसरगंज सामान्य लोकसभा सीट है। जिले की आबादी करीब 45 लाख है।