रिपोर्ट- कोरियन एंटोनी
कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे पर सहमति के बाद समाजवादी पार्टी वाराणसी लोकसभा सीट से अपना प्रत्याशी वापस लेगी। 24 घंटे पहले ही सपा ने पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल को प्रत्याशी घोषित किया था। अब सीट कांग्रेस के पास चली गई है। इससे सपा के खेमे में मायूसी है। सुरेंद्र पटेल की चुनावी तैयारी भी धरी रह गई।
वह बुधवार की सुबह से ही कार्यकर्ताओं से संवाद करने लगे थे। राजनीति के जानकारों का कहना है कि वाराणसी से प्रत्याशी के नाम के एलान के साथ ही यूपी की सियासत बदली है। दबाव में आई कांग्रेस ने 17 सीट पर चुनाव लड़ने के पुराने फार्मूले पर ही समझौता कर लिया।
देश की सबसे प्रतिष्ठापरक लोकसभा सीट पर सपा ने प्रत्याशी उतारने का निर्णय कर कांग्रेस खेमे में खलबली मचा दी। कारण, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पिछले दो चुनाव में मैदान में उतर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस पूर्व सांसद राजेश मिश्र चुनाव मैदान में उतार सकती है।
वर्ष 2004 में राजेश मिश्र ने शंकर प्रसाद जायसवाल के विजय रथ को रोककर कांग्रेस का झंडा बुलंद किया था। हालांकि वर्ष 2009 में भाजपा के मुरली मनोहर जोशी ने उनकी जमानत जब्त करा दी थी। इसके बाद राजेश मिश्र ने वर्ष 2019 में सलेमपुर लोकसभा सीट और इससे पहले वर्ष 2017 में शहर दक्षिणी और वर्ष 2022 में कैंट विधानसभा से भी भाग्य आजमाया था। मगर, इन्हें करारी शिकस्त मिली थी।