डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए जीएमसी जम्मू प्रशासन ने दावा किया है कि जीएमसी और एसोसिएटेड अस्पतालों में रोगी चिकित्सा देखभाल को बेहतर बनाया गया है। डेंगू मरीजों के लिए जीएमसी और एसएमजीएस अस्पताल में समर्पित बिस्तर स्थापित किए गए हैं। बरसात के साथ डेंगू का डंक फिर बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अब तक डेंगू के 62 मामले मिल चुके हैं। इनमें 47 जम्मू शहर से ही हैं। बुधवार को पांच नए मामले यहां मिले। चिंता यह है कि संवेदनशील इलाकों के अलावा शहर के अन्य हिस्सों से भी नए मामले मिल रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अगस्त और सितंबर में डेंगू के मामले बढ़ने की आशंका है। पिछले साल भी प्रदेश में रिकॉर्ड डेंगू के मामले मिले थे।
शहर के विभिन्न हिस्सों में मिले लारवा से साफ है कि आगामी दिनों में डेंगू का डंक तंग करेगा। स्वास्थ्य विभाग का मलेरिया विंग लारवा खत्म करने का दावा तो कर रहा है, लेकिन नए मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ा दी है। शहर के सरवाल, बख्शीनगर, रिहाड़ी, तालाब तिल्लो, गांधीनगर, सैनिक कॉलोनी, भठिंडी आदि इलाकों से डेंगू के नए मामले मिल चुके हैं। पिछले साल कुछ संवेदनशील इलाके ही डेंगू से अधिक प्रभावित रहे थे। मौजूदा डेंगू के 60 से 70 के बीच परीक्षण किए जा रहे हैं, जिसमें 2 से 3 मामले पॉजिटिव आ रहे हैं। अब तक सांबा में तीन, कठुआ में दो, उधमपुर में तीन, रियासी में एक, पुंछ में दो, कश्मीर में तीन डेंगू के मामले मिले हैं।
जम्मू प्रशासन का दावा, पूरी तरह से हैं तैयार
डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए जीएमसी जम्मू प्रशासन ने दावा किया है कि जीएमसी और एसोसिएटेड अस्पतालों में रोगी चिकित्सा देखभाल को बेहतर बनाया गया है। डेंगू मरीजों के लिए जीएमसी और एसएमजीएस अस्पताल में समर्पित बिस्तर स्थापित किए गए हैं।
जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष गुप्ता और बाल रोग विभाग के एचओडी डॉ. जीएस सैनी ने बताया कि डेंगू के गंभीर मामलों के लिए जीएमसी जम्मू में 10 बिस्तरों वाला पुराना आईसीयू समर्पित किया गया है। इसके अलावा एसएमजीएस के वार्ड 19 में स्थिर मरीजों के लिए 40 बिस्तर रखे गए हैं। मेडिसिन विभाग के डॉ. जेबी सिंह ने कहा कि हम केवल उच्च चेतावनी लक्षण वाले मरीजों को भर्ती करते हैं। हमने आपातकालीन क्षेत्र नामित किया है और जीएमसी जम्मू में डेंगू रोगियों के लिए एक अन्य फ्लोर समर्पित किया है।
दस हजार से अधिक प्लेटलेट्स वालों को अधिक प्लेटलेट्स की जरूरत नहीं
डॉ. मीना सिद्धु एचओडी ब्लड बैंक के अनुसार जिन मरीजों में प्लेटलेट्स की संख्या 10000 से अधिक है, उन्हें अधिक प्लेटलेट्स की आवश्यकता नहीं होती है और उन्हें चिकित्सक की सलाह पर ही दिया जाना चाहिए। रक्त केंद्र पूरी तरह सुसज्जित है और इसमें प्लेटलेट फ्रेसिस की सुविधाएं हैं। उन्होंने आम जनता से स्वैच्छिक रक्तदान और स्वैच्छिक प्लेटलेट फेरेसिस के लिए आगे आने का अनुरोध किया।
वहीं, पैथोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. एससी भारद्वाज ने दावा किया कि जीएमसी जम्मू और एसोसिएटेड अस्पतालों में लैब सभी उपकरणों के साथ कार्यात्मक हैं और चौबीसों घंटे कार्यरत हैं। माइक्रोबायोलॉजी के एचओडी डॉ. संदीप डोगरा ने कहा कि सरकार द्वारा अनुशंसित एनएस1 एलिसा टेस्ट की सुविधा जीएमसी में उपलब्ध है। डेंगू का परीक्षण करने के लिए जीएमसी जम्मू और एसोसिएटेड में सुविधा उपलब्ध है। हम जीएमसी जम्मू में विभिन्न स्थानों से नमूने एकत्र कर रहे हैं ताकि शीघ्र उपचार शुरू किया जा सके।
जीएमसी में तीन ही मरीज भर्ती, 104 नंबर पर मेडिकल हेल्पलाइन
राज्य महामारी विशेषज्ञ डॉ. हरजीत राय के अनुसार अभी डेंगू को लेकर स्थिति नियंत्रण में है। जीएमसी जम्मू में अब तक डेंगू के 7 मरीज भर्ती हुए, जिनमें से 4 को छुट्टी दे दी गई। पिछले साल रिकार्ड 8264 डेंगू के मामले सामने आए थे। विभाग ने वेक्टर नियंत्रण गतिविधियों (जैव लार्वानाशक मछली, छिड़काव और फॉगिंग) और आईईसी/बीसीसी गतिविधियों (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल मीडिया और माइकिंग) जैसी निवारक गतिविधियों को बढ़ाया है और डेंगू वायरस से बचाव के बारे में जागरूकता फैलाई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे डेंगू के प्रसार को नियंत्रित करने में मदद करें और स्वच्छता सुनिश्चित करें। स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के लिए किसी भी प्रकार की जानकारी और सलाह के लिए सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक 104 मेडिकल हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें।