न्यूज़- कोरियन एंटोनी
अयोध्या में श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा हो चुकी है। अब लव-कुश के जन्मस्थली के विकास की मांग की जा रही है। इसको लेकर विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने पत्र भेजा है।
अयोध्या में सोमवार को रामलला की स्थापना के बाद अब बिठूर के विकास की मांग तेज हो गई है। अयोध्या, वाराणसी की तरह बिठूर स्थित वाल्मीकि आश्रम सहित अन्य स्थलों के जीर्णोद्धार के लिए क्षेत्रीय विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। डीएम ने भी इसका प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मार्च में प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है
त्रेता युग में बिठूर स्थित वाल्मीकि आश्रम में सीता ने लव, कुश को जन्म दिया था। सरकार ने करीब पांच साल पहले अयोध्या, चित्रकूट आदि के साथ इस नगरी को भी रामायण सर्किट में शामिल किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी बिठूर के विकास की घोषणा कर चुके हैं, पर आजतक अमल नहीं हुआ। वाल्मीकि आश्रम के पास ही पानी का फव्वारा कई साल से खराब पड़ा है। अमर उजाला ने इन स्थलों की पड़ताल की तो हकीकत सामने आई।
सीता रसोई की हालत खराब
अयोध्या, वाराणसी की तरह जीर्णोद्धार की मांग
टीवी पर देखता हूं कि बनारस में घाटों के किनारे तक पानी हमेशा रहता है। नाव चलती रहती हैं, यहां जबसे नमामि गंगे के तहत घाटों का सुंदरीकरण हुआ है, तब से घाटों में बरसात के अलावा पानी नहीं रहता है। -रामशंकर, नाविक
ये हैं दर्शनीय स्थल