श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने कहा कि यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का विषय है, बल्कि यह उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी है। यात्री आएंगे, तो पहाड़ों से पलायन रुकेगा और लोगों को अपने घर पर ही रोजगार मिलेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह जल्द ही इस मामले को सरकार के समक्ष उठाएंगे ताकि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल और सबके लिए सुलभ बनाया जा सके।
उनसे मिलने वालों में कारोबारी विजय शुक्ला, विष्णु, सुनील जायसवाल, टीटू सरदार, अनिल धारीवाल, अकरम, लियाकत, विवेक चौहान, सलीम, मुकेश गिरी, मुकेश चौहान, अनिल चौहान, अहलूवालिया, डिंपल सरदार, मांगेराम, अफजल मिस्त्री, अनिल, जगत, अर्जुन सैनी, राजेश्वर शामिल रहे।