रुड़की। तहसील के कंकरखाता गांव निवासी मामचंद और अंकुश झोपड़ी में रहते हैं। रविवार सुबह पहले मामचंद की झोपड़ी के ऊपर की छान (फूस से बनी छत) में अचानक आग लग गई। थोड़ी ही देर में आग अंकुश की झोपड़ी तक भी पहुंच गई। शोरगुल होने पर पहुंचे ग्रामीणों ने सबसे पहले दोनों घरों में मौजूद महिलाओं, बच्चों व पालतु पशुओं को बाहर निकाला और फिर आग पर काबू पाया।
पीड़ित मामचंद व अंकुश ने बताया कि आग से उनके कपड़ों के अलावा घर का सारा सामान, बिस्तर और करीब 16 हजार रुपये की नकदी जल गई है। ग्राम प्रधान मोहनलाल ने प्रशासन को सूचना देकर उनके लिए मुआवजा मांगा है। एसडीएम गोपाल राम बिनवाल ने बताया कि हल्का लेखपाल से नुकसान का आकलन कराया जा रहा है।