हरिद्वार। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या को अंतर संसदीय संघ के प्रथम वैश्विक सम्मेलन में प्रतिवादी वक्ता के विशेष सम्मान से सम्मानित किया गया है। सम्मेलन में 70 देशों के संसदीय प्रतिनिधिमंडल और 20 से ज्यादा देशों की संसद के अध्यक्षों ने भाग लिया। गुरुवार को 179 देशों के अंतर संसदीय संघ का प्रथम वैश्विक सम्मेलन मोरक्को अफ्रीका में संपन्न हुआ।
इस दौरान अध्यात्म के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नोबेल पुरस्कार के समकक्ष टेम्पल्टन पुरस्कार की ज्यूरी सदस्य और देव संस्कृति विवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने गायत्री परिवार का प्रतिनिधित्व करते हुए 700 से अधिक प्रतिभागियों को संबोधित किया। सम्मेलन में डॉ. पंड्या ने प्रतिभागियों को पं. श्रीराम शर्मा आचार्य और भगवती देवी शर्मा के वसुधैव कुटुंबकम के भाव से परिचित कराया। साथ ही पं.श्रीराम शर्मा के विचारों को तर्क, तथ्य और प्रमाण के साथ प्रस्तुत किया।