मोरी ब्लॉक के ग्राम पंचायत नानाई के ग्रामीणों ने पेयजल आपूर्ति, क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत, नहर पर खर्च की गई धनराशी की जांच तथा मोरी मुख्यालय में केन्द्रीय विद्यालय खोलने की मांग को लेकर गुरुवार को तहसील कार्यालय में जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन प्रेषित किया और समस्याओं के निस्तारण की मांग की।
गुरुवार को ग्राम पंचायत नानई के ग्रामीण मोरी बैंड के पास एकत्रित हुए। जहां से सभी ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय तक जुलूस निकाला और तहसीलदार मोरी को एक ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत जिस योजना का निर्माण किया गया है, उनसे अभी तक गांव में पानी की आपूर्ति नही हो पाई है।
इसके साथ ही 50 वर्ष पूर्व बनी सिंचाई नहरों की हालत भी जस की तस है। विभाग की ओर से नहर पर प्रत्येक वर्ष लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। लेकिन इसके बावजूद भी नहरें क्षतिग्रस्त पड़ी हैं। जिससे काश्तकारों को खेतों में सिंचाई करने में परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके लिए उन्होंने नहर पर खर्च की गई धनराशी की जांच करने की मांग की। कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी समस्याओं का अमल नहीं हुआ तो वह उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
इस मौके पर विपिन चौहान, पूनम रावत, संजू लाल, रामचंद्र सिंह, शूरवीर लाल, रणवीर सिंह,मनोज कुमार, कल्लू लाल सहित आदि मौजूद रहे।