न्यूज़- कुरियन एंटोनी
बसपा रामपुर लोकसभा सीट से मुस्लिम प्रत्याशी उतारकर सपा का खेल बिगाड़ सकती है। सपा इस सीट से मुस्लिम और हिंदू प्रत्याशी के फेर में उलझी नजर आ रही है। सपा एक सिख प्रत्याशी को भी मैदान में उतार सकती है। आजम खां के बड़े बेटे की पत्नी का नाम भी चर्चा में है। बहुजन समाज पार्टी अब तक भले ही रामपुर लोकसभा सीट से जीत का स्वाद चख न सकी हो, लेकिन इस बार बसपा बड़ा खेल करने की तैयारी कर रही है। बसपा रामपुर लोकसभा सीट से मुस्लिम प्रत्याशी को उतारने के मूड में है। हालांकि, ये प्रत्याशी कौन होगा इस पर अभी बसपा नेता कुछ बोलने से कतरा रहे हैं।
रामपुर लोकसभा सीट पर 1952 में पहली बार मौलाना अबुल कलाम आजाद सांसद बने थे।वो देश के पहले शिक्षामंत्री भी बने थे। अब तक रामपुर लोकसभा सीट पर 18 चुनाव हुए हैं। जिसमें कांग्रेस ने सर्वाधिक 10 बार जीत दर्ज की है। इस सीट से सबसे ज्यादा बार जीत दर्ज करने का रिकॉर्ड नवाब जुल्फिकार अली खां उर्फ मिक्की मियां के नाम है। मिक्की मियां रामपुर सीट से पांच बार सांसद बने। उनकी पत्नी बेगम नूरबानो भी दो बार सांसद बन चुकी हैं।
रामपुर लोकसभा सीट से चार बार भाजपा ने बाजी मारी है। इसके अलावा तीन बार सपा ने जीत का स्वाद चखा है। वहीं एक बार जनता पार्टी के खाते में सीट गई है। रामपुर के लोकसभा चुनाव के इतिहास में बसपा ने अभी तक खाता नहीं खोला है। ऐसे में 2024 लोकसभा चुनाव में समीकरण कुछ बदले-बदले नजर आ रहे हैं।