रिपोर्ट- कोरियन एंटोनी
पीलीभीत के गांव सिमराया निवासी सुखविंदर के खिलाफ वर्ष 2016 में कोतवाली पूरनपुर में किशोरी के अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसके बाद पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मंगलवार को उसने मफलर का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। एक दिन पहले ही उसने अपनी मां से मिलने की इच्छा जाहिर की थी।
पीलीभीत में दुष्कर्म के आरोपी सुखविंदर ने मंगलवार को जिला कारागार के शौचालय में मफलर का फंदा बनाकर जंगले से लटककर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। चार साल जमानत पर रहने के बाद वारंट जारी होने पर सुखविंदर को दोबारा न्यायिक अभिरक्षा में 13 दिन पहले ही जिला कारागार भेजा गया था। जहां सोमवार को तारीख पर बहनोई व भाई से मुलाकात होने पर उसने मां से मिलने की इच्छा जाहिर की थी।
कोतवाली पूरनपुर क्षेत्र के ग्राम सिमराय निवासी सुखविंदर (23) पुत्र तिलक राम के खिलाफ वर्ष 2016 में कोतवाली पूरनपुर में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। वर्ष 2020 में वह जमानत पर बाहर आया था। सात फरवरी को पेशी के बाद न्यायालय के आदेश पर दोबारा जेल भेज दिया गया।
जंगले से बंधा था मफलर
मंगलवार दोपहर 12:30 बजे उसने शौच के लिए जाने की बात कही। इसके बाद जेल के नंबरदार उसको लेकर शौचालय गए। जब काफी देर तक वह बाहर नहीं आया तो जेल कर्मियों ने अंदर झांककर देखा। शौचालय के अंदर वह रोशनदान के जंगले से मफलर का फंदा बनाकर लटका हुआ था।
मौके पर पहुंचे जेल चिकित्सक ने उसको मृत घोषित कर दिया। जेल में बंदी के आत्महत्या करने की सूचना पर एसडीएम सदर देवेंद्र सिंह, सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नरेश त्यागी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
सुखविंदर के भाई पप्पू और बहनोई बबलू ने उससे न्यायालय में तारीख के दौरान मुलाकात की थी। वहां उसने मंगलवार को मां से मिलने की इच्छा जाहिर की थी। जिस पर भाई और बहनोई ने मां से मुलाकात करवाने का मंगलवार को आश्वासन भी दिया था।