न्यूज- कोरियन एंटोनी
बिजनौर जनपद में कोरोना काल के बाद जिले में उत्पन्न हुई गुलदार की समस्या अब विकराल हो गई है। जहां एक ओर वन विभाग, प्रशासन बैठक कर गुलदार की समस्या पर चर्चा कर रहा है, वहीं गुलदार लगातार इंसानों की जान ले रहा है। पिछले 20 माह में अब तक 24 इंसानों की जान गुलदार के हमलों में जा चुकी है। जिले का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं, जहां गुलदार की मौजूदगी न हो।
बिजनौर जिले की भौगोलिक स्थिति पर नजर डालें तो अमानगढ़ से लेकर नजीबाबाद तक घना जंगल है। अमानगढ़ में जहां बाघ से लेकर गुलदार तक की मौजूदगी है, वहीं नजीबाबाद डिवीजन की अधिकांश रेंज में हाथी और गुलदार की मौजूदगी देखने को मिलती है। आरक्षित वन क्षेत्र से कई गुना गुलदार गन्ने के खेतों में घूम रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक जिले में गन्ने के खेतों में 500 से ज्यादा गुलदार हो सकते हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस वर्ष अब तक 46 गुलदार और उनके शावकों को वन विभाग पकड़ चुका है।