न्यूज़- कोरियन एंटोनी
बाघ के बारे में कहा जाता है कि वह अपनी सीमा बनाता है, इसमें किसी दूसरे बाघ के आने की अनुमति नहीं होती है। पर अब बाघ कई बार दूसरे बाघ के साथ भी दिखाई दिए हैं, यह बात कई डिवीजन में सामने आयी है। इससे वन महकमा हैरत में है। वह बाघ के इस व्यवहार को लेकर अध्ययन कराने की बात भी कह रहा है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व से सटे तराई पश्चिम वन प्रभाग के डीएफओ प्रकाश आर्य कहते हैं कि बाघ अकेले रहते थे, एक बाघ की सीमा पचास स्क्वायर किमी तक होती थी, पर उनके डिवीजन में एक जगह पर ही केवल 50 स्क्वायर किमी के एरिया में 10 से अधिक बाघ रिपोर्ट हुए हैं।
कैमरा ट्रैप में भी एक साथ कई बाघ दिखाई दिए हैं। एक स्थान पर बाघ के हमले की घटनाएं सामने आयी थी, वहां पर तीन बाघों को रेस्क्यू किया गया जिसके बाद घटनाएं कम हुई। एक साथ कई बाघ होने के मामले के अध्ययन कराने के लिए वन मुख्यालय को पत्र लिखा जाएगा। इससे मानव- वन्यजीव संघर्ष को कम करने आदि के लिए रणनीति बनाने में मदद मिलेगी।
हल्द्वानी वन प्रभाग के डीएफओ कुंदन कुमार कहते हैं कि कैमरा ट्रैप में एक साथ बाघों के फोटो आए हैं, जलाशयों में एक साथ कई बाघ दिखाई दिए हैं। लैंसडोन वन प्रभाग के डीएफओ एनसी पंत कहते हैं कि उनका वन अधिक घना है, तुलनात्मक तौर पर कम बाघ दिखाई देते हैं। पर एक साथ बाघ दिखाई दिए हैं।
कैमरा ट्रैप से बहुत सारी अनदेखी बातें सामने आईं : सिन्हा