कहते हैं कि मां की दुआ के आगे बड़ी से बड़ी मुसीबत टल जाती है। संतान की बात आती है तो मां माैत से भी लड़ जाती है, लेकिन जब एक मां अपने ही बच्चे की जान लेने पर आ जाए तो आप क्या कहेंगे। बिजनाैर में भी ऐसा ही कुछ हुआ, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।


उसी वक्त बच्चे का बाप कपिल घर पर आ गया। उसने आंखों के सामने जो मंज़र देखा उसके होश उड़ गए। कपिल ने देखा कि सुलगती हुई लकड़ियों के बीच उसका बेटा पड़ा हुआ जल रहा है। किसी तरह उसने बच्चे को आग से बाहर निकाला, देखा तो उसकी सांसे चल रही थीं। वह जैसे तेैसे बच्चे कोझुलसी हुई हालत में लेकर पास के अस्पताल लेकर भागा लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
सांस चलती देख वह उसे एक निजी चिकित्सक के पास ले गया। रास्ते में बालक ने दो हिचकियां ली। इसके बाद चिकित्सक ने बालक को मृत घोषित कर दिया। हालांकि महिला से भी पूछताछ कुछ भी बोल नहीं बोली।


मृतक के पिता कपिल ने बताया कि सुबह वह ठीक थी। घर में दाल बनी रखी थी और आटा गुंथा हुआ था, लेकिन समझ में नहीं आ आया कि आखिरकार उसने यह खौफनाक कदम क्याें उठाया।
गांव जलालपुर हसना निवासी कपिल कुमार की गांव मोहल्लरपुर निवासी आदेश देवी से पांच साल पहले शादी हुई थी। शादी के करीब एक साल बाद घर में बेटा हुआ था। इससे परिवार में खुशी का माहौल था। मगर अब सभी का दुलारा हर्ष परिवार को रोता-बिखलता छोड़ गया।

महिला के भाई का कहना है कि वह मनोरोगी है। उसका डेढ़ साल पहले तक विवेक कॉलेज से इलाज चल रहा था। उधर, ग्रामीण इस घटना से अचंभे में हैं। उनका कहना है कि मासूम की हत्यारी मां घर पर खाना बना रही थी।
अचानक ऐसा क्या जनून चढ़ा कि अपने इकलौते पुत्र को ही हत्या कर जला दिया। हालांकि पुलिस ने आरोपी मां को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ की गई तो उसने जुर्म कबूल कर लिया और बेटे की हत्या के पीछे की वजह भी बताई।


तफ्तीश शुरू हुई, पता चला महिला मानसिक रोगी है उसका इलाज चल रहा था डेढ़ साल से उसकी दवाएं बंद थी। इस बीमारी में व्यक्ति को अच्छे और बुरे की पहचान नहीं रहती। ऐसे में वह गलत कदम उठाता है। यह मानसिक बीमारी के गंभीर लक्षण हैं।
इस बीमारी में व्यक्ति को अच्छे और बुरे की पहचान नहीं रहती है। ऐसे में वह गलत कदम उठाता है। यह मानसिक बीमारी के गंभीर लक्षण हैं। साइकोसिक होने पर व्यक्ति में अकेले बड़बड़ाना, अकेले रहना, गुस्सा आना, शक करना, रात में नींद नहीं आना जैसे लक्षण हो सकते हैं। यदि आपके आसपास किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण दिखते हैं तो मानसिक रोग विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। वहीं ऐसी घटनाओं की पुनरावृति न हो इसके लिए सचेत रहें।