न्यूज़- कोरियन एंटोनी
लखीमपुर खीरी के पढुआ थाना क्षेत्र में शनिवार रात से शुरू हुआ तेलियार गांव की टिया उर्फ उर्वशी के जन्मदिन का जश्न जीवन भर का दर्द दे गया। कारण बना बोकरिहा घाट पर घाघरा नदी में बना 60 फुट का गड्ढा। रात में पार्टी करने के बाद रविवार सुबह परिवार के नौ लोग बोकरिहा घाट पर पिकनिक मनाने आए थे। साथ में कोल्ड ड्रिंक्स, चिप्स और बिरयानी भी लाए थे। सभी ने घाट पर सेल्फी ली, रील बनाई और घाघरा नदी में नहाने लगे। इसी दौरान एक-एक कर परिवार के चार लोगों की डूबकर मौत हो गई। चंद मिनटों में ही हंसी के ठहाकों की जगह चीत्कारों ने ले ली और माहौल मातमी हो गया। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बोकरिहा घाट पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। बड़ी संख्या में लोग यहां पिकनिक मनाने पहुंचते हैं। इस घाट में करीब 60 फुट गहरा कुंड भी है। यह गड्ढा इन चार लोगों के लिए काल बन गया।

तेलियार गांव के किसान सुबोध श्रीवास्तव की बेटी उर्वशी उर्फ टिया (18) के जन्मदिन के मौके पर परिवार के लोग पिकनिक मनाने पहुंचे थे। उर्वशी का चचेरा भाई कान्हा (10) अचानक डूबा तो उसे बचाने की कोशिश में खुद उर्वशी, एक अन्य चचेरे भाई सत्यम (24) और बुआ सुशीला की भी डूबने से मौत हो गई। कान्हा की बहन नैनी को बचा तो लिया गया, मगर जिला अस्पताल में उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

जन्मदिन पार्टी के बाद एक ही गाड़ी में नौ लोग बैठकर घाघरा नदी के पास पिकनिक मानने गए थे। कान्हा छोटा होने के कारण सत्यम की गोद में बैठकर गया था। नैनी अपनी बुआ सुशीला के पास आगे बैठी थी। गाड़ी से उतरने के बाद बच्चे घाट पर खेलने लगे। उसके बाद नहाने के लिए नदी में चले गए।

कान्हा जब डूबने लगा तो उसे बचाने के लिए सुशीला आई, उसके बाद सत्यम आ गया और फिर उर्वशी और बाद में नैनी पहुंच गई। किनारे पर खड़ी सत्यम की मां बबिता और बहन रिचा देख रही थी। उन लोगों ने जोर से चिल्लाना शुरू किया। आसपास के किसान और मछुआरे दौड़कर आए। सभी लोगों को नदी से बाहर निकाला, लेकिन सुशीला देवी, टिया उर्फ उर्वशी, सत्यम और कान्हा की सांसें थम चुकी थीं।

खेल-खेल में गई जान
कान्हा सबसे कम उम्र का था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नदी में नहाने के दौरान सभी पानी से खेल रहे थे। पानी में खड़े कान्हा के कपड़ों को सभी लोग इधर उधर फेंक रहे थे। कान्हा अपने कपड़ों को उठाने के लिए जाता था। इसी दौरान कान्हा गहरे पानी में चला गया। कान्हा को डूबते हुए देखकर अन्य लोग उसे बचाने के लिए गहरे पानी में चले गए और बारी-बारी से डूबते गए।
कान्हा सबसे कम उम्र का था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नदी में नहाने के दौरान सभी पानी से खेल रहे थे। पानी में खड़े कान्हा के कपड़ों को सभी लोग इधर उधर फेंक रहे थे। कान्हा अपने कपड़ों को उठाने के लिए जाता था। इसी दौरान कान्हा गहरे पानी में चला गया। कान्हा को डूबते हुए देखकर अन्य लोग उसे बचाने के लिए गहरे पानी में चले गए और बारी-बारी से डूबते गए।

दो घंटे सीएचसी में रही अफरा-तफरी
नदी से निकाले गए लोगों को तत्काल रमियाबेहड़ सीएचसी लाया गया। यहां डॉक्टरों ने चार को मृत घोषित कर दिया। इस पर परिजनों में चीख-पुकार मच गई। चीत्कार के उस मंजर को देख हर किसी का कलेजा कांप उठा। घर की महिलाएं अपने बच्चों के सिर गोद में रखकर विलाप कर रही थीं। करीब दो घंटे तक सीएचसी में अफरा-तफरी जैसा माहौल रहा। एसडीएम निघासन अश्विनी कुमार सिंह, नायब तहसीलदार धौरहरा वीरेंद्र कुमार यादव और थानाध्यक्ष पढ़ुआ हरिकेश राय वहां मौजूद रहे।
नदी से निकाले गए लोगों को तत्काल रमियाबेहड़ सीएचसी लाया गया। यहां डॉक्टरों ने चार को मृत घोषित कर दिया। इस पर परिजनों में चीख-पुकार मच गई। चीत्कार के उस मंजर को देख हर किसी का कलेजा कांप उठा। घर की महिलाएं अपने बच्चों के सिर गोद में रखकर विलाप कर रही थीं। करीब दो घंटे तक सीएचसी में अफरा-तफरी जैसा माहौल रहा। एसडीएम निघासन अश्विनी कुमार सिंह, नायब तहसीलदार धौरहरा वीरेंद्र कुमार यादव और थानाध्यक्ष पढ़ुआ हरिकेश राय वहां मौजूद रहे।

एसडीएम अश्वनी कुमार सिंह ने कहा कि दर्दनाक हादसा है। एक ही परिवार के बुआ, भतीजे और भतीजी समेत चार लोगों की मौत ने झकझोर कर रख दिया है। मृतक के परिवार वालों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। घटना स्थल पर शारदानगर बाढ़ खंड से कहकर बोर्ड भी लगवाया जाएगा।

सीओ निघासन प्रवीण कुमार ने कहा कि कुछ लोगों के नहाते समय मौत होने की सूचना मिली थी। मौके पर पुलिस पहुंचीं। जांच के दौरान चार लोगों के मौत होने की पुष्टि हुई, जबकि एक बच्ची का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। परिजनों ने महिला का पोस्टमार्टम कराया है, जबकि तीन अन्य का पोस्टमार्टम नहीं कराया है। कागजी कार्रवाई करते हुए शव परिजनों को सौंप दिए हैं।