न्यूज़- कुरियन एंटोनी
बदायूं की बाबा कॉलोनी में ठेकेदार विनोद ठाकुर के बेटे आयुष और अहान की मंगलवार शाम करीब सात बजे चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने दोनों बच्चों का पंचनामा भरने के बाद बुधवार सुबह नौ बजे पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आयुष का गला रेतने के साथ ही चार अन्य घाव सीने और हाथ पर सामने आए हैं। वहीं अहान के गले पर ही चाकू से वार किया गया था।
अलापुर थाना क्षेत्र के कस्बा सखानूं में रहने वाले साजिद का सिविल लाइंस क्षेत्र की बाबा कॉलोनी में सैलून था। वह कई वर्षों से यहां दुकान चला रहा था। सैलून के सामने ही विनोद ठाकुर का मकान है। उनकी पत्नी संगीता ब्यूटी पार्लर चलाती हैं। विनोद और साजिद के बीच पारिवारिक संबंध होने की बात भी सामने आई है। साजिद का विनोद के घर खूब आना-जाना था।
यही कारण है कि दोनों बच्चों की हत्या करना लोगों के गले नहीं उतर रही है। हालांकि हत्या की वजह अभी भी स्पष्ट नहीं हो सकी है। लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। लेकिन यह साफ है कि जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया है, इसके पीछे हत्या की कोई ठोस वजह जरूर रही होगी।
परिवार के लोग हत्या की बजह बताने से कतरा रह हैं। परिवार तो केवल पांच हजार रुपये मांगने की ही बात दोहरा रहे हैं। बुधवार को हुए पोस्टमार्टम में साफ हुआ है कि आयुष का गला रेता गया और सीने समेत हाथ में चाकू से चार वार किए गए थे। शरीर पर कुल पांच घाव दर्ज किए गए हैं। अहान की गला रेतकर हत्या की गई।
दोनों बच्चों का पोस्टमार्टम पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की देख-रेख में कराया गया। दोनों बच्चों के शव घर पहुंचे तो चीत्कार मच गया। पुलिस के जवानों ने पिता समेत परिजनों को सांत्वना दी। दोपहर 12 बजे दोनों को दफन किया जा सका। बच्चों के दफन तक भारी पुलिस फोर्स मौजूद रहा। शहर में तनावपूर्ण माहौल है।
ठेकेदार विनोद ठाकुर के दो बच्चों की हत्या के बाद परिवार समेत मोहल्ले के लोग भी दुखी हैं। लोगों में घटना को लेकर बेहद आक्रोश था। मंगलवार रात को घटना के तीन घंटे के अंदर ही आरोपी साजिद पुलिस मुठभेड़ में ढेर होने के बाद लोगों का गुस्सा कम हुआ, तब कहीं जाकर कुछ मामला शांत हुआ।
बुधवार को दोनों बच्चों के शव जैसे ही शव घर पहुंचे तो चीत्कार मच गया। मां संगीता बेसुध होकर जमीन पर गिर गई। पिता विनोद समेत दादी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस के जवानों ने परिजनों को ढांढस बंधाया। जैसे-तैसे परिजनों को संभाला। नम आखों से दोनों बच्चों को दफन किया गया।