रिपोर्ट- कोरियन एंटोनी
प्रारंभिक जांच में पता चला कि जखीरा फ्लाईओवर के समीम मोड़ पर चलती मालगाड़ी की बोगियों में रखा स्टील की शीट रोल का संतुलन बिगड़ गया। ऐसे में भारी-भरकम शीट का झुकाव एक तरफ हो गया। इससे बोगियां पटरी से उतर गईं।
सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन के नजदीक शनिवार को मालगाड़ी के पटरी से उतरने के मामले में शुरुआती तौर पर कई जानकारियां सामने आई है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि स्टील की शीट रोल जिस बोगी (बीओएक्सएनएचएल) में रखे गए थे, रेलवे बाेर्ड ने उस बोगी में शीट रोल लादने पर प्रतिबंध लगाया हुआ था। इस बोगी को कोयला, लोहा आदि जैसी समान रूप से वितरित लोडिंग के लिए डिजाइन किया गया है।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि जखीरा फ्लाईओवर के समीम मोड़ पर चलती मालगाड़ी की बोगियों में रखा स्टील की शीट रोल का संतुलन बिगड़ गया। ऐसे में भारी-भरकम शीट का झुकाव एक तरफ हो गया। इससे बोगियां पटरी से उतर गईं। हादसे के दौरान मालगाड़ी की रफ्तार 20 किमी प्रति घंटा थी। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में एक यह भी संभावना जताई जा रही है कि जहां पर माल लादा गया वहां नौ बागियों में नियमों का पालन नहीं किया गया। जबकि घटना में 11 बोगियां पटरी से उतरीं। हालांकि, इस पूरे मामले की जांच के लिए रेलवे ने जांच कमेटी गठित की है। उसकी जांच के बाद ही हादसे का स्पष्ट कारण और जिम्मेदारों का पता चल सकेगा।
यातायात के लिए शुरू किया ट्रैक
हादसे के बाद पटरी से उतरी बोगियों को हटाने का काम शनिवार दोपहर से शुरु किया गया और रविवार दोपहर तक किया गया। उसके बाद शात चार के करीब तक ट्रैक को ट्रेनों के परिचालन के लिए ठीक किया गया। अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक पर ट्रेन परिचालन शुरू कर दिया गया है।
यह था मामला
सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन के पास शनिवार दोपहर मुंबई से चंड़ीगढ की तरफ जा रही मालगाड़ी की 11 बोगियां पटरी से उतर गईं। इसमें ट्रैक पर कूड़ा उठाने वाले एक बुजुर्ग की मौत हो गई। दोपहर करीब 11:52 बजे घटना की सूचना रेलवे पुलिस को मिली थी। हादसे में कूड़ा बीनने वाले 70 वर्षीय रफीक की मौत हो गई थी, जबकि उनके दो साथी बच गए थे।