न्यूज़- कोरियन एंटोनी
बिठूर में कदम-कदम पर प्रभु श्रीराम की निशानियां अब भी जीवंत हैं। माता सीता, लव-कुश और महर्षि वाल्मीकि से जुड़े स्थल हर किसी को अपनी ओर खींचते हैं। मान्यताओं के आधार पर हम आपको कुछ विशेष स्थानों के बारे में बता रहे हैं, जो भगवान राम के जीवनकाल से जुड़े है।
कानपुर में तीर्थ नगरी बिठूर आज भी रामायण काल की यादें समेटे हुए है। यहां रामायण काल की गाथा बताने वाला लव कुश की जन्मभूमि वाल्मीकि आश्रम के अलावा भरत घाट और लक्ष्मण घाट भी है, जो बिठूर और भगवान राम के जीवन से जुड़े अनेक पहलुओं को दर्शाता है। कहा जाता है कि 14 वर्षों के बनवास के बाद भरत ने पिता दशरथ की अस्थियां भी यहां की गंगा में विसर्जित की थी। मान्यताओं के आधार पर ये है कुछ विशेष स्थान जो बिठूर और भगवान राम के जीवनकाल से जुड़े है
वाल्मीकि आश्रम