न्यूज़- कोरियन एंटोनी
डॉ. पांडेय के अनुसार देहरादून, जम्मू-कश्मीर जैसे पर्वतीय क्षेत्र तलहटी में बसे होने की वजह से बर्फीली हवाएं वहां आसानी से नहीं पहुंच पाती हैं। वहीं मैदानी क्षेत्रों में इन हवाओं का असर ज्यादा पड़ता है।
बर्फीली हवाओं के असर से कानपुर का तापमान जम्मू और देहरादून से भी नीचे चला गया। रविवार को इस मौसम की सबसे ठंडी रात में शहरी ठिठुरते रहे। पहली बार रात का पारा छह डिग्री के नीचे 5.7 डिग्री दर्ज किया गया। यह आठ वर्षों में सबसे ठंडा 17 दिसंबर भी रहा। इसी तरह दिन में भी पारा दो डिग्री लुढ़ककर 22.8 डिग्री पर आ गया। अगले पांच दिनों तक इसी तरह की ठंड बनी रहने की संभावना है।
सीएसए के मौसम विभाग के अध्यक्ष डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार महानगर में देहरादून और जम्मू जैसे पर्वतीय क्षेत्रों से भी कम तापमान दर्ज हुआ। देहरादून में न्यूनतम पारा छह डिग्री और जम्मू-कश्मीर में सात डिग्री सेल्सियस रहा। डॉ. पांडेय के अनुसार देहरादून, जम्मू-कश्मीर जैसे पर्वतीय क्षेत्र तलहटी में बसे होने की वजह से बर्फीली हवाएं वहां आसानी से नहीं पहुंच पाती हैं। वहीं मैदानी क्षेत्रों में इन हवाओं का असर ज्यादा पड़ता है।