न्यूज़- कोरीयन एंटोनी
केदारनाथ यात्रा के दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी हिमालय के भविष्य को लेकर चिंतित दिखे। उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान भरसार विवि के वैज्ञानिक प्रोफेसर एसपी सती से हिमालय, बदरीनाथ, केदारनाथ को लेकर लंबी बातचीत की। उन्होंने हिमालय के भविष्य को लेकर सभी तरह के सवाल प्रो. सती से पूछे, जिनका जवाब पाकर वह चिंतित हो गए। अब विस्तार से जानकारी के लिए उन्होंने प्रो. सती को नोट बनाने और दिल्ली में बातचीत के लिए बुलाया है।
दिनभर राहुल गांधी के साथ रहने वाले प्रो. सती ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि कांग्रेस नेता ने 2013 की केदारनाथ आपदा के कारण, उससे हुए नुकसान, उस नुकसान को रोकने के पहले से कोई प्रयास की जानकारी ली। उन्होंने ये भी पूछा कि पहाड़ में जो प्रोजेक्ट चल रहे हैं, उनके लिए पर्यावरणीय चुनौतियां कैसी हैं। प्रो. सती ने राहुल को बताया कि भविष्य में पहाड़ में प्राकृतिक आपदाएं बढ़ेंगी।
वैज्ञानिक शोध में ये स्पष्ट हो चुका है कि दुनिया का तापमान 0.16 डिग्री प्रति दशक की दर से जबकि हिमालय का तापमान 0.32 डिग्री प्रति दशक की दर से बढ़ रहा है। राहुल गांधी ने इसके असर पर सवाल पूछे। प्रो. सती ने बताया कि इससे मौसम बदलेगा। जहां कल तक केवल बर्फ पड़ती थी, वहां आज बारिश हो रही है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अतिवृष्टि की घटनाएं पिछले 20 साल में दोगुनी हो गई हैं। प्रो. सती ने बताया कि इसके चलते अतिवृष्टि की घटनाएं बढ़ेंगी और हिमालय में बने हुए बांध भी खतरे की जद में आ रहे हैं।
मानसून के साथ मिलकर पश्चिमी विक्षोभ मचा रहा तबाही
प्रदेश में अब बारिश का ट्रेंड भी बदल गया है। अब दक्षिण पश्चिमी मानसून के साथ पश्चिमी विक्षोभ मिलकर तबाही मचा रहे हैं। प्रो. सती ने बताया कि 2010 में उत्तराखंड और लेह, 2022 में कुमाऊं मंडल की भारी बारिश इसका परिणाम रहा है।