न्यूज़- कुरियन एंटोनी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तराखंड दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिथौरागढ़ के पार्वती कुंड में पूजा-अर्चना की। इसके बाद पीएम मोदी ने गुंजी में रं समाज के स्टाल में पारंपरिक वस्तुएं और उत्पाद देखे। साथ ही पारंपरिक वाद्य यंत्र ढोल भी बजाया। लोगों का हाथ हिलाकर स्वीकार अभिवादन किया। पीएम पिथौरागढ़ में लगभग 4,200 करोड़ रुपए की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे।
नैनीसैनी एयरपोर्ट पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी पिथौरागढ़ नैनीसैनी एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए। एयरपोर्ट से वह सीधे सभा स्थल पहुंच। इस दौरान जगह-जगह छलिया नृत्य से पीएम मोदी का स्वागत किया जा रहा है।
पूरा स्टेडियम लोगों से खचाखच भरा
पिथौरागढ़ के स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा होगी। पूरा स्टेडियम लोगों से खचाखच भर चुका है। पिथौरागढ़ के साथ ही अल्मोड़ा बागेश्वर चंपावत जनपदों से भी बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता यहां पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री जनसभा से पहले विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इसके बाद जनसभा को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी को सुनने के लिए 50,000 से अधिक लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। पूर्व सीएम सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, सतपाल महाराज, अजय भट्ट, रेखा आर्या,गणेश जोशी सहित उत्तराखंड के सभी प्रमुख नेता यहां पहुंचे हैं।
पीएम मोदी ने जागेश्वर धाम पहुंचकर लिया भगवान जागनाथ का आशीर्वाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एक दिवसीय कुमाऊं दौरे पर हैं। पिथौरागढ़ में पार्वती कुंड में दर्शन कर गुंजी में सेना के जवानों व स्थानीय लोगों से मिलने के बाद पीएम जागेश्वर के लिए रवाना हुए। दोपहर 12.10 बजे पीएम हेलीकाप्टर से शौकियाथल पहुंचे। जिसके बाद वह कार से जागेश्वर के लिए रवाना हुए। पनुवानौला तिराहे के पास स्थानीय लोगों ने पीएम का अभिवादन किया। पीएम ने अपनी कार से बाहर निकल भीड़ की ओर हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। जिसके बाद पीएम जागेश्वर मंदिर के लिए रवाना हुए गए। यहां उन्होंने महामृत्युंजय सहित अन्य मंदिरों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान जागनाथ का आशीर्वाद लिया। यहां उनके साथ सीएम पुष्कर सिंह धामी, सांसद अजय टम्टा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
सीएम धामी ने पीएम को आदि कैलाश और आसपास के क्षेत्र के बारे में दी जानकारी
पीएम मोदी ने कहा कि देवभूमि के मंदिर आस्था ही नहीं आर्थिकी का भी केंद्र हैं। इन मंदिरों से हजारों लोगों की आर्थिकी प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़ी है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सभी मंदिरों को एक सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को आदि कैलाश और आसपास के क्षेत्र के बारे में जानकारी दी।
प्रधानमंत्री के भ्रमण से चीन सीमा पर तैनात सेना के जवानों के साथ ही सीमा पर बसे गांव कुटी, नाबि, रोंगकांग, गुंजी, नपल्चयू, गर्व्यांग, बूंदी के ग्रामीणों में गजब उत्साह देखने को मिला। आदि कैलाश के दर्शन करने के बाद पीएम मोदी ज्योलिंगकांग हैलीपेड से गुंजी के लिए रवाना हुए।
प्रधानमंत्री मोदी आदि कैलाश की यात्रा करने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री भी बन गए है। तीन देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगी इस भूमि से प्रधानमंत्री ने पूरे विश्व को अध्यात्म और वैश्विक क्षेत्र में उभरती भारत की शक्ति का संदेश भी दिया। प्रधानमंत्री के भ्रमण से आदि कैलाश क्षेत्र में आध्यात्मिक पर्यटन की संभावनाएं बढ़ गई है।
पिथौरागढ़ जनपद में आदि कैलाश 14 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर चीन और नेपाल की सीमा से सटा है। भारत की आध्यात्मिक भूमि है। आदि कैलाश के बारे में मान्यता है कि यह स्थान भगवान शिव के परिवार का निवास स्थान है। आदि कैलाश मार्ग पर मुख्य आकर्षण ओम पर्वत है। इस पर्वत पर ओम की आकृति उभरी हुई है। ओम पर्वत कैलाश यात्रा मार्ग में नावीढांगा में स्थित है। ओम पर्वत को आदि कैलाश का छोटा कैलाश भी कहा जाता है।